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ट्रक ड्राइवर ट्रिप प्लानिंग गाइड - सफर को बेहतर बनाने के लिए टिप्स

Published On Nov 27, 2024 12:35 PMBy Dheeraj Nair

क्या आप अपने काम करने का समय और परफॉर्मेंस एफिशिएंसी को बढ़ाने के तरीके ढूंढ रहे हैं? यहां बताये गए टिप्स ट्रिप प्लानिंग में आपकी मदद कर सकते हैं।

ट्रक ड्राइवर ट्रिप प्लानिंग गाइड

लॉजिस्टिक और सप्लाई चैन मैनेजमेंट में, ट्रकों के बेड़े का अपटाइम* यानी काम करने का समय, बिज़नेस के मुनाफे और मौके बढ़ाने में अहम रोल निभाता है। लेकिन इससे ड्राइवरों पर दबाव बढ़ता है और सुरक्षा से जुड़े खतरे भी हो सकते हैं। साथ ही, उन्हें ढुलाई से जुड़ी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जरुरी है कि ट्रक ड्राइवर्स अपनी यात्रा की सही प्लानिंग करें ताकि तेज़ गति से होने वाले एक्सीडेंट्स से बच सकें, और सुरक्षित तरीके से समय पर पहुंचते हुए अच्छा प्रदर्शन कर सकें।

इसलिए, अच्छा मुनाफा कमाने के लिए जरुरी है कि ड्राइवर और ट्रक के कामों में सुधार किया जाए। ऐसा सही प्लानिंग और एक ट्रिप गाइड बनाकर किया जा सकता है। तो चलिए, ट्रिप गाइड बनाने के कुछ आसान टिप्स जानते हैं: -  

*अपटाइम प्रदर्शन का मतलब है कि ट्रक कितनी देर तक बिना खराब हुए और बिना रिपेयर की जरूरत के चलता रहता है। अगर ट्रक का अपटाइम अच्छा है, तो वह ज़्यादा समय तक सड़क पर रहेगा और आपका काम बिना रुकावट के चलता रहेगा, जिससे मुनाफा बढ़ेगा।

संबंधित लिंक: इन टिप्स के साथ शुरू करें अपना ओनर-ऑपरेटर ट्रकिंग बिज़नेस

ट्रिप गाइड कैसे बनाए

सभी नियमों का पालन करते हुए टाइम को अच्छे से मैनेज करने के लिए ड्राइवरों को ट्रिप गाइड बनाने से पहले कुछ बातों पर खास ध्यान देना जरुरी है। चलिए इन्हें विस्तार से समझते हैं: -

Trip planning guide

1. ट्रिप से पहले गाड़ी को चेक करें 

किसी भी ट्रिप पर निकलने से पहले ड्राइवरों को ट्रक की कंडीशन की अच्छे से जांच करनी चाहिए। उन्हें इंजन ऑयल, कूलेंट, टायर प्रेशर और फ्यूल के लेवल को चेक करना चाहिए। साथ ही, इलेक्ट्रिक उपकरण जैसे लाइट्स और ट्रक के अन्य सभी हिस्सों की जांच करनी चाहिए और देखें कि किसी प्रकार की सर्विस या रिप्लेसमेंट की जरूरत तो नहीं हैं। इसके अलावा, जरुरी है कि ड्राइवर्स ट्रक के एक्सटीरियर और इंटीरियर वाले हिस्से में टूट-फुट के कारण होने वाले नुकसानों जैसे स्क्रैच, डेंट आदि पर भी ध्यान दें। अगर ये सब चीज़ें सही हैं तो आप बिना किसी डाउनटाइम^ की चिंता किए अपने सफर की शुरुआत कर सकते हैं। 


^डाउनटाइम उस समय को कहते है जब ट्रक किसी तकनीकी समस्या के चलते चलने योग्य नहीं होता, जिससे काम रुक जाता है और बिज़नेस का नुकसान हो सकता है। 

2. कौनसा रुट (मार्ग) चुनें?

ट्रकों की अच्छे से जांच करने के बाद जरुरी है कि एक ऐसे रूट (रास्तेँ) को ढूंढा जाए जिससे कम फ्यूल खर्च करते हुए जल्द से जल्द अपने डेस्टिनेशन तक पंहुचा जा सकें। रुट तय करने के बाद, ड्राइवरों को मौसम और ट्रैफिक की जानकारी भी ले लेनी चाहिए ताकि देरी से बचा जा सकें। भीड़भाड़ वाले रुट से बचकर ड्राइवर कम समय में अपना काम निपटा कर वापस आ सकते हैं। 

Truck route planning

इन सभी जानकारियों को आप अपने फ्लीट मैनेजर्स के साथ साझा कर के अन्य ट्रक ड्राइवर्स की भी मदद कर सकते हैं। साथ ही, इससे किसी प्रकार की भ्रामक स्थिती भी पैदा नहीं होगी, खासकर जब जियो-फेंसिंग* का उपयोग किया जा रहा हो।  

*जियो-फेंसिंग एक ऐसी जीपीसी आधारित तकनीक है जो किसी निर्धारित क्षेत्र में प्रवेश या निकास करने पर ट्रक मालिक/मैनेजर को ऑटोमेटिकली अलर्ट भेजता हैं। इससे गाडी की वास्तविक पोज़िशन का भी पता चलता रहता है। 

3. माइलेज बढ़ाने पर ज़ोर

फ्लीट मैनेजर्स और ड्राइवरों के लिए फ्यूल खर्च को कम करने और ट्रकों का अपटाइम बढ़ाने के लिए सही टेलीमैटिक्स सोल्युशन ढूंढना बहुत जरूरी है। माइलेज बढ़ने से ना केवल ड्राइवरों और फ्लीट मैनेजरों का फायदा होता है, बल्कि कम खर्च होने से फ्लीट बढ़ाने के लिए पैसे भी बचाए जा सकते हैं।

truck Fleet managers

4. गाड़ी के वजन में कमी

फ्यूल खर्च को कम करने के लिए जरुरी है कि ट्रक में बहुत ज्यादा सामान ना भरा जाए। ड्राइवर ट्रकबेड और केबिन से गैर जरुरी चीज़ें हटा सकते हैं ताकि ट्रक पर पड़ने वाले भार को कम किया जा सकें। साथ ही, ड्राइवरों को ऐसा रास्ता चुनना चाहिए जो सबसे कम समय लें। स्पीड लिमिट का भी पालन करें ताकि फ्यूल की बचत हो। इसके अलावा, ड्राइवरों को नियमित रूप से आराम करना चाहिए और ट्रक को ठंडा रखना भी जरुरी है ताकि वे अपनी पूरी क्षमता से  काम कर सकें और फ्यूल भी कम खर्च हो।  

पारम्परिक डीजल इंजन वाले ट्रकों की जगह इलेक्ट्रिक या सीएनजी जैसे वाहनों के इस्तमाल से भी खर्च (रनिंग कॉस्ट) कम किया जा सकता हैं। 

संबंधित लिंक: बीएस6 ट्रकों के लिए अच्छा इंजन ऑयल कौनसा है, जानिये यहां

सफर के दौरान स्टॉप प्लान करने के लिए टिप्स

  • सही जगह ढूंढे: गूगल मैप्स या फ्लीट मैनेजर्स के द्वारा दी गई गाइडबुक की मदद से रुकने/ठहरने की सही जगह ढूंढें। टाइम को सही ढंग से मैनेज करने के लिए सफर पर निकलने से पहले ही यह देख लें कि कहां पर ट्रक के लिए सही जगह, विश्राम स्थल या पर्याप्त पार्किंग स्थान वाले ड्राइवर-अनुकूल रेस्टोरेंट हैं।
  • समय का ध्यान रखें: जल्दी-जल्दी स्टॉप न लें। एक स्टॉप से दसूरे स्टॉप के बीच पर्याप्त समय रखें। कभी-कभी ट्रैफिक के कारण आपको अगले स्टॉप तक पहुंचने में ज्यादा टाइम लग सकता है। ऐसे में ट्रैफिक में गवाए समय की भरपाई आपको रोड पर ज्यादा समय तक रहकर करनी पड सकती है।
  • सुरक्षा का ध्यान दें: स्टॉप लेते समय ट्रक को हमेशा सुरक्षित स्थान पर ही पार्क करें। कोशिश करें कि ट्रक को ऐसी जगह पार्क करें जहां सभी जरुरी सुविधाएं और सुरक्षा हो।
  • जीपीएस नेविगेशन का इस्तमाल करें: नेविगेशन टूल्स का इस्तमाल करें। रास्ता बदलने की स्थिति में भी यह बेहद मददगार साबित हो सकता है। साथ ही, यह आपको सड़क पर आने वाली रुकावटों और आसपास के क्षेत्र में उपलब्ध आराम करने वाली जगहों के बारे में भी जानकारी देता है। नेविगेशन टूल्स का इस्तमाल करके आप ट्रक पार्क करने के लिए सुरक्षित जगह भी ढूंढ सकते हैं।
  • मौसम की जानकारी लें: अपने लिए सही रास्ता चुनने के लिए मौसम अपडेट देखते रहें ताकि ऐसे रास्तों से बचा जा सकें जो डाउनटाइम का कारण बन सकते हैं।
  • बैकअप प्लान तैयार रखें: मेडिकल इमरजेंसी, ख़राब मौसम या ब्रेकडाउन जैसी स्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमेशा एक बैकअप प्लान तैयार रखें। इससे आप अपनी परफॉर्मेंस एफिशिएंसी बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, एक बैकअप ट्रक भी हमेशा तैयार रखना अच्छा रहेगा। 

Truck planning guide trips

निष्कर्ष

ट्रिप प्लानिंग ट्रक ड्राइविंग का एक जरुरी हिस्सा है, जिसमे रुट प्लान करना, सही उपकरणों का इस्तमाल करना, मौसम अपडेट लेना, और आराम करने के लिए सही जगह ढूंढना आदि शामिल हैं। इस ट्रिप प्लानिंग गाइड की मदद से आप अनचाही परिस्थितियों के लिए पहले से तैयार हो सकते है।

सामान्य तौर पर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. ट्रक ड्राइवरों के लिए ट्रिप प्लानिंग क्या है?

ट्रिप प्लानिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें आप पहले से यात्रा की योजना बनाते हैं। इसमें ट्रिप गाइड बनाना, सही उपकरण लेना, मौसम और रास्तों की जानकारी लेना आदि शामिल हैं, जिससे आप किसी भी मुश्किल भरी परिस्थिती का सामना करने के लिए तैयार रहते है। ट्रिप गाइड आपकी यात्रा को बेहतर बनाने में मदद करता है। 

2. क्या ट्रिप प्लानिंग के दौरान नेविगेशन टूल्स की आवश्यकता होती है?

गूगल मैप्स के इस्तेमाल से आप आसानी से रुट प्लान कर सकते हैं, आराम के लिए जगह ढूंढ सकते हैं, और अपने नजदीकी क्षेत्र में उपलब्ध रेस्तरां भी ढूंढ सकते हैं। ऐसे नेविगेशन टूल्स आपको जल्दी सफर पूरा करने में मदद करते हैं।

3. क्या ट्रिप प्लानिंग में बैकअप प्लान बनाना भी शामिल है?

इमरजेंसी या रास्ता बदलने जैसी अनअपेक्षित स्थिति/समस्याओं के लिए बैकअप योजनाएं बनाना ट्रिप प्लानिंग का एक जरुरी हिस्सा है। इससे आप अपने सफर को बेहतर बना सकते है।

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